इंतज़ार खत्म! आज से JioSpaceFiber और OneWeb को मिली स्पेक्ट्रम आवंटन की मंजूरी?
नई दिल्ली: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट (Satellite Internet) की राह देख रहे करोड़ों उपयोगकर्ताओं के लिए 13 जनवरी 2026 एक ऐतिहासिक दिन साबित हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने आज प्रशासनिक आधार पर सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन (Administrative Allocation) के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
Jio और OneWeb सबसे आगे
सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस जियो की सैटेलाइट शाखा JioSpaceFiber और भारती एयरटेल समर्थित Eutelsat OneWeb को आज औपचारिक रूप से स्पेक्ट्रम आवंटित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसका सीधा मतलब है कि अगले कुछ महीनों में भारत के दूरदराज के गांवों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों पर बिना तार के हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध होगा।
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एलन मस्क की Starlink पर सस्पेंस
जहां भारतीय कंपनियों को हरी झंडी मिलती दिख रही है, वहीं एलन मस्क की Starlink को लेकर अभी भी सुरक्षा मंजूरी (Security Clearance) पर पेंच फंसा हुआ है। 13 जनवरी की बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 'डेटा स्थानीयकरण' (Data Localization) के नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
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उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
- कनेक्टिविटी: उन जगहों पर इंटरनेट पहुंचेगा जहां फाइबर बिछाना मुश्किल है।
- स्पीड: 100 Mbps से लेकर 1 Gbps तक की स्पीड मिलने की उम्मीद है।
- प्रतिस्पर्धा: बाजार में नई तकनीक आने से डेटा की कीमतें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी।
टेलीकॉम मंत्री ने आज एक बयान में कहा, "2026 भारत के लिए स्पेस-कॉम क्रांति का वर्ष होगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि डिजिटल डिवाइड को पूरी तरह खत्म किया जाए।"
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